Dussehra Puja At Home - Dussehra Puja Vidhi - Vijaydashmi Pujan Vidhi - दशहरा पूजा विधि शुभ मुहूर्त

दशहरे के दिन हमें पूजा किस प्रकार करनी है आइए जानते हैं.

अभिजीत मुहूर्त के - शुभ मुहूर्त के अंदर भगवान श्री राम के चित्रपट को अपने समक्ष रखना है. एक देसी घी का दीपक उनके सामने प्रज्वलित करना है दशहरे के दिन क्षत्रिय लोग अपने शस्त्रों की पूजा करते हैं और यदि व्यापारिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो व्यापार में वृद्धि के लिए हम इस दिन अपने लेजर - बही खातों इत्यादि की भी पूजा करते हैं इस दिन कलम इत्यादि का भी पूजन किया जाता है.

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सारे सामान को आप भगवान श्रीराम की मूर्ति या चित्रपट के आगे रख ले उसके बाद दशहरे के दिन ही सबसे पहले सभी शस्त्रों को एक साफ कपड़े से साफ करें बही - खातों इत्यादि को शुद्ध करें. फिर लाल कपड़े के ऊपर यह सारा सामान रख लें उनके ऊपर शुद्ध जल का छींटा दे, गंगाजल का छींटा दे इसके बाद हल्दी, चंदन, कुमकुम इत्यादि से इनके ऊपर तिलक करे. और जो आपके लेजर हैं, वही खाते हैं उनके ऊपर स्वास्तिक बना देना है. पुश्प एवम अछत से शस्त्रों की पूजा करना है. और इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण है शमी के पत्र (शमी एक वृक्ष होता है) शमी के पत्तों की विशेष रूप से इस दिन पूजा की जाती है शमी के पत्ते दशहरे के दिन अपना एक अलग ही महत्व रखते हैं. शस्त्रों एवम अपने बही खातों के ऊपर शमी के पत्ते चढ़ाये. अत्यंत शुभ यह कार्य माना जाता है इस दिन शमी के पेड़ की पूजा भी आपको अवश्य करनी चाहिए. भगवान श्री श्रीराम से अपने मंगल की कामना करनी चाहिए अंत में अपने शस्त्रों को व समस्त सामग्री को यथा स्थान पर रख देना चाहिए भगवान श्री राम की आरती भी इस दिन कर सकते हैं. साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए यह त्यौहार मनाया जाता है.
हमें इस दिन यह निश्चय करना चाहिए कि दशहरे के दिन हम किसी का बुरा तो करेंगे ही नहीं साथ ही किसी के बारे में ईर्ष्या भाव भी हम नहीं रखेंगे. बुराई ईर्ष्या का मार्ग हमें दशहरे के दिन बिल्कुल त्याग देना है.


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